रांची: चुटिया थाना क्षेत्र स्थित निवारणपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक पुलिस हिरासत से फरार हो गया। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस ने उसका पीछा किया, जिसके दौरान मांडर क्षेत्र में पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को पूछताछ के बाद हाजत में रखा गया था। इसी बीच वह पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम सक्रिय हुई और उसकी तलाश शुरू कर दी। पीछा करने के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई।
दरअसल, यह पूरा मामला मंगलवार रात हुए पेट्रोल बम हमले से जुड़ा है। उस रात बाइक पर सवार दो बदमाश निवारणपुर स्थित संघ कार्यालय के पास पहुंचे और परिसर की ओर जलता हुआ पेट्रोल बम फेंककर फरार हो गए थे। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी।
घटना की जांच के लिए रांची के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी व खुफिया सूचनाओं के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को रांची छोड़कर भागने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपी रांची नई दिल्ली झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से रांची से दिल्ली की ओर भाग रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची, बोकारो और कोडरमा पुलिस ने समन्वित कार्रवाई करते हुए ट्रेन में ही आरोपियों की तलाश शुरू की।
जनरल बोगी से आरोपियों को दबोचा
पुलिस टीम विभिन्न स्टेशनों से ट्रेन में सवार होकर लगातार निगरानी करती रही और गयाजी जंक्शन पार करने के बाद रफीगंज के पास जनरल बोगी से दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूरे अभियान की मॉनिटरिंग रांची के सिटी एसपी द्वारा की जा रही थी।
फिलहाल पुलिस हमले के पीछे की वजहों और संभावित साजिश की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा किया जा सके।










