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पहले बड़े भाई के लिए मांगा था वोट, अब खुद बनेंगे दावेदार; भवनाथपुर की सियासत में नई पटकथा लिख रहे दीपक प्रताप देव

On: July 6, 2026 7:23 PM
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2024 में अनंत प्रताप देव की जीत के रणनीतिकार रहे दीपक, 2029 में खुद चुनाव लड़ने के ऐलान से बदले राजनीतिक समीकरण

शुभम जायसवाल

श्री बंशीधर नगर/गढ़वा: भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति इन दिनों नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में झामुमो प्रत्याशी और अपने बड़े भाई अनंत प्रताप देव की जीत के लिए गांव-गांव जाकर वोट मांगने वाले दीपक प्रताप देव अब वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव में स्वयं को संभावित प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। उनके इस ऐलान ने क्षेत्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

2024 के विधानसभा चुनाव में झामुमो की जीत के पीछे जिन चेहरों की सबसे अधिक चर्चा हुई थी, उनमें दीपक प्रताप देव का नाम प्रमुख था। उन्होंने चुनाव प्रचार की कमान संभाली, गांव-गांव जनसंपर्क किया, कार्यकर्ताओं को संगठित किया और चुनावी रणनीति को धार देने में अहम भूमिका निभाई। चुनाव जीतने के बाद उन्हें विधायक अनंत प्रताप देव के सबसे करीबी सहयोगियों में गिना जाने लगा।

हालांकि चुनाव के कुछ ही समय बाद राजनीतिक समीकरण बदलने लगे। क्षेत्र में गुटबाजी, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और विकास कार्यों को लेकर मतभेद सामने आने लगे। धीरे-धीरे विधायक और दीपक प्रताप देव के बीच दूरी बढ़ती गई। जो नेता कभी एक मंच से एक-दूसरे के समर्थन में भाषण देते थे, आज उनकी राजनीतिक राहें अलग हो चुकी हैं।

पिछले कई दिनों से दीपक प्रताप देव और उनके समर्थक सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय थे। “मिशन-2029” और “खुलेंगे राज” जैसे अभियानों ने क्षेत्र में राजनीतिक उत्सुकता बढ़ा दी थी। चौक-चौराहों से लेकर सोशल मीडिया तक केवल यही चर्चा थी कि आखिर दीपक प्रताप देव अगला कदम क्या उठाने वाले हैं।

इस सस्पेंस पर तब विराम लगा जब दीपक प्रताप देव ने प्रेसवार्ता कर साफ शब्दों में कहा कि वह वर्ष 2029 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह झारखंड मुक्ति मोर्चा में थे, हैं और आगे भी रहेंगे तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ही अपना सर्वोच्च नेता मानते हैं। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि यदि पार्टी टिकट देती है तो वह चुनावी मैदान में उतरेंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दीपक प्रताप देव के इस ऐलान से भवनाथपुर विधानसभा में मुकाबला पहले से अधिक रोचक हो सकता है। करीब 23 वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले दीपक अब स्वयं को एक स्वतंत्र राजनीतिक चेहरे के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर विधायक अनंत प्रताप देव भी अपने समर्थकों और संगठन के साथ क्षेत्र में सक्रिय हैं। ऐसे में आने वाले वर्षों में दोनों नेताओं की राजनीतिक सक्रियता और जनसंपर्क अभियान पर सबकी नजर रहेगी।

हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी समय है और राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन इतना तय है कि भवनाथपुर की राजनीति अब पुराने समीकरणों से आगे बढ़ चुकी है। जिस दीपक प्रताप देव ने कभी बड़े भाई के लिए जनता से समर्थन मांगा था, वही अब जनता के बीच स्वयं को भावी प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। यही बदलाव आने वाले समय में भवनाथपुर विधानसभा की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बनने की ओर बढ़ रहा है।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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