‘जब भी मैं परमात्मा के पास जाऊं, बीजेपी का..’ रघुबर दास ने बताई अपनी अंतिम इच्छा

On: December 27, 2024 4:45 AM

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रांची: ओडिशा के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद रघुवर दास गुरुवार को झारखंड लौट आए। रांची पहुंचने पर रघुवर दास का उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। वह शुक्रवार को रांची में प्रदेश भाजपा कार्यालय जाकर एक बार फिर से पार्टी की सदस्यता लेंगे।
रांची पहुंचने पर उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 1980 में भाजपा की सदस्यता ली थी, तब भी उन्होंने पार्टी के सामने अपनी कोई अपेक्षा नहीं रखी थी और आज भी वह खुद को साधारण कार्यकर्ता ही मानते हैं। ओडिशा के राज्यपाल के तौर पर उन्होंने अपने 14 महीने के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से उन्हें ओडिशा की धरती और वहां के लोगों की सेवा करने का अवसर मिला और अब उन्हीं की इच्छा से मैं अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि पर लौट आया हूं।
खुद को मूल रूप से संगठन का आदमी बताते हुए रघुबर दास ने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों के दौरान पार्टी नेतृत्व ने मुझे संवैधानिक पद की जिम्मेवारी दी। मेरी अंतिम इच्छा है कि जब भी मैं परमात्मा के पास जाऊं, बीजेपी का झंडा ओढ़कर जाऊं। मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता को पार्टी ने बड़ी जिम्मेवारी दी है। बीजेपी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जहां एक छोटा सा कार्यकर्ता शिखर तक जा सकता है।
उन्होंने कहा, भाजपा का हर कार्यकर्ता पार्टी का जनाधार जन-जन तक बढ़ाने और वंचित-शोषित और आदिवासी दलित के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए काम करता है। छोटी सी जिंदगी में मैंने बहुत कामयाबी पाई है। मेरी छोटी सी जिंदगी जनता और कार्यकर्ता के बीच और सुनहरी हो, यही कामना है। कार्यकर्ता का पद ऐसा है, जो छीन नहीं सकता। पार्टी मुझे जो भी जिम्मेवारी देगी, उसका निर्वहन करूंगा।