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अवैध अफीम खेती के खिलाफ बुंडू अनुमंडल पुलिस का जागरूकता अभियान,प्रभावित क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को किया जा रहा है जागरूक।

On: February 7, 2025 3:45 AM
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संवाददाता – अमित दत्ता

बुंडू :- रांची जिला प्रशासन और बुंडू पुलिस द्वारा पोस्ते की अवैध खेती के खिलाफ चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को बुंडू और आसपास के क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को यह समझाना था कि पोस्ते की खेती न केवल गैरकानूनी है,बल्कि यह समाज,परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर भी गंभीर दुष्प्रभाव डालती है।नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता इस अभियान के तहत रांची पुलिस ने बुंडू के मौसी बाड़ी,झारखंड बाजार और दशम फॉल थाना क्षेत्र के तमाड़ में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया। नुक्कड़ नाटक का मंचन छोटानागपुरी कला केंद्र और मांझी टीम द्वारा मेघनाथ महतो के नेतृत्व में किया गया। इन नुक्कड़ नाटकों के जरिए ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि पोस्ते की खेती कानूनी अपराध तो है ही,साथ ही इससे मिट्टी की उर्वरता भी कमहोती है और समाज पर बुरा असर पड़ता है।

पोस्ते की खेती के कानूनी और सामाजिक दुष्प्रभाव नुक्कड़ नाटक के दौरान बुंडू डीएसपी ओम प्रकाश ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग स्वयं अपनी पोस्ते की खेती को नष्ट कर देंगे, उनके विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन यदि पुलिस को इसे नष्ट करना पड़ा, तो दोषियों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद अपनी अवैध खेती नष्ट करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। बुंडू महिला थाना प्रभारी खुशबू वर्मा ने कहा कि पोस्ते की खेती छोड़कर किसान सब्जियों की खेती करके भी अच्छी आय कमा सकते हैं। अफीम और नशीले पदार्थों का उत्पादन समाज और परिवार दोनों पर गंभीर असर डालता है, इसलिए इसे रोकना जरूरी है।

नशे के खतरों को लेकर विशेष चेतावनी

अधिकारियों ने बताया कि पोस्ते से निकाले जाने वाले अफीम से हेरोइन,ब्राउन शुगर और अन्य नशीले पदार्थ बनाए जाते हैं। कई ग्रामीणों को यह जानकारी नहीं होती कि उनकी फसल से बनने वाला नशा किस तरह युवाओं को बर्बाद कर सकता है। ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि जब बच्चे उच्च शिक्षा के लिए रांची या अन्य बड़े शहरों में जाते हैं, तो नशे केसौदागर उन्हें निशाना बनाते हैं। ब्राउन शुगर और हेरोइन जैसी ड्रग्स की लत इतनी खतरनाक होती है कि यह आसानी से नहीं छूटती और व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर हो सकता है।

प्रशासन की कड़ी चेतावनी

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जो किसान अपनी पोस्ते की फसल खुद नष्ट करेंगे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन अगर प्रशासन को खुद इसे नष्ट करना पड़ा, तो संबंधित व्यक्ति को जेल भेजा जाएगा।अभियान का विस्तार और आगे की योजना बुंडू अनुमंडल क्षेत्र में जहां-जहां अवैध पोस्ते की खेती हो रही है,वहां विशेष रूप से नुक्कड़ नाटक और प्रचार गाड़ियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन लगातार बड़े पैमाने पर पोस्ते की फसलों को नष्ट कर रहा है और जो फसलें अब भी बची हैं, उन्हें जल्द ही खत्म करने की योजना है।इस अभियान के माध्यम से पुलिस यह उम्मीद कर रही है कि ग्रामीण नशे के खतरे को समझेंगे और अवैध खेती छोड़कर वैकल्पिक खेती अपनाएंगे। यह न केवल उनके परिवार और समाज के लिए अच्छा होगा,बल्कि उन्हें कानूनी जोखिमों से भी बचाएगा।

Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

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