
धनबाद: शादी के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करने वाले कथित गिरोह का बरवाअड्डा पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह शादी के इच्छुक परिवारों को निशाना बनाता था और शादी की रस्म पूरी कराने के बाद कथित तौर पर उनके साथ मारपीट कर उन्हें वहां से भगा देता था।
मामला राजस्थान निवासी रमेश नट की शिकायत से सामने आया। रमेश ने 7 सितंबर की देर शाम बरवाअड्डा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 3 सितंबर को सपना नाम की एक महिला ने रमेश से फोन पर संपर्क किया था। उसने उनके भतीजे की शादी के लिए दो युवतियों की तस्वीरें भेजीं। बातचीत आगे बढ़ने के बाद शादी तय करने के लिए रमेश अपने भाई, भतीजे और भाभी के साथ राजस्थान से धनबाद पहुंचे। धनबाद पहुंचने के बाद गिरोह के सदस्यों ने शादी की तैयारी के नाम पर उनसे कपड़े, गहने और अन्य सामान की खरीदारी कराई। इसके बाद परिवार को एक गांव में ले जाया गया। वहां कथित तौर पर युवती की मांग में सिंदूर डलवाकर विवाह की रस्म पूरी कराई गई।
शादी की रस्म पूरी होने के बाद आरोपियों ने परिवार से अपने घर चलकर भोजन करने को कहा। आरोप है कि जब परिवार ने वहां जाने में आनाकानी की तो गिरोह के सदस्यों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पीड़ित परिवार को वहां से भगा दिया गया।
घटना की शिकायत मिलने के बाद बरवाअड्डा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी जांच के तहत मोबाइल नंबर और फोन लोकेशन को खंगाला। जांच के आधार पर पुलिस ने गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान की और अलग-अलग जगहों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूजा कुमारी, सुमन विश्वकर्मा, अजय दास, राजेश कुमार, मंतोष साव, चंदन शर्मा, नीलम देवी, मकरी देवी, विशु यादव और राजेंद्र साव के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 13 मोबाइल फोन के अलावा साड़ी, लहंगा, जींस पैंट, अंगवस्त्र, चूड़ी और शादी से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि कथित गिरोह का नेटवर्क धनबाद के अलावा गिरिडीह तक फैला हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों में दोनों जिलों के लोग शामिल हैं।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह कब से सक्रिय था और इसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि शादी के नाम पर ठगी का यह गिरोह पहले भी कई परिवारों को अपना शिकार बना चुका हो सकता है।
इसी को देखते हुए पुलिस पुराने मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।







