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हजारीबाग में हार्डकोर नक्सली सुनील गंझू गिरफ्तार, 42 मामलों में था वांछित

On: October 13, 2025 7:56 PM
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हजारीबाग: हजारीबाग पुलिस को नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भाकपा (माओवादी) के हार्डकोर नक्सली और पूर्व जोनल कमांडर सुनील गंझू को गिरफ्तार कर लिया है। गंझू पर हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह और आसपास के जिलों में कुल 42 आपराधिक मामले दर्ज हैं। कभी ‘झारखंड का टेरर’ कहे जाने वाला यह माओवादी राज्य के बहुचर्चित बेलतू नरसंहार का भी मुख्य आरोपी रहा है।

हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जोराकाट इलाके में चार से पांच संदिग्ध व्यक्ति सक्रिय हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की और छापेमारी अभियान शुरू किया। इस दौरान एक व्यक्ति को पकड़ा गया, जबकि उसके अन्य साथी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने अपनी पहचान सुनील गंझू, निवासी पत्थलगड्डा (चतरा) के रूप में की।

तलाशी के दौरान उसके झोले से नक्सली लेटरहेड, पर्चे और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। पूछताछ में गंझू ने खुलासा किया कि वे पांच लोगों का दल बनाकर हजारीबाग में सक्रिय थे और कोयला कंपनियों, ठेकेदारों और व्यापारियों से लेवी वसूली करने के उद्देश्य से आए थे।

पुलिस के अनुसार, सुनील गंझू 1990 के दशक से भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़ा हुआ था। 2018 में जेल से रिहा होने के बाद उसने दोबारा संगठन में शामिल होकर सक्रियता बढ़ा दी थी। वह उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र के रीजनल कमांडर सहदेव महतो और सब-जोनल कमांडर नताशा को भी पनाह देता था और उन्हें लॉजिस्टिक सहयोग उपलब्ध कराता था।

हजारीबाग पुलिस ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी से नक्सल संगठन को एक बड़ा झटका लगा है। पुलिस का मानना है कि इससे संगठन की कमर टूट गई है और इलाके में माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित होगा।

बेलतू नरसंहार से जुड़ा कुख्यात नाम

गौरतलब है कि सुनील गंझू बेलतू नरसंहार (2001) का मुख्य आरोपी रहा है। इस नरसंहार में 13 निर्दोष ग्रामीणों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि घटना के दौरान माओवादियों ने ग्रामीणों का सिर काटकर फुटबॉल खेला था। झारखंड राज्य बनने के बाद यह सबसे पहली और सबसे भयावह सामूहिक हत्या थी, जिसने पूरे राज्य को दहला दिया था।

हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल नक्सल नेटवर्क को कमजोर किया गया है, बल्कि इससे क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी उठाया गया है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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