
रांची/पाकुड़: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम जारी है। इसी बीच पाकुड़ जिले में मतदाता सूची में कथित तौर पर गैर-भारतीय (बांग्लादेशी) नागरिकों के नाम शामिल होने की आशंका जताई गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने जांच के निर्देश दिए हैं। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने पाकुड़ और साहिबगंज के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त को पत्र भेजकर मामले की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र में संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है। रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा के भीतर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।
पाकुड़ जिले की इलामी, मनिकापुर और मणिरामपुर पंचायतों में मतदाता सूची को लेकर सबसे अधिक शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। जांच के दौरान कुछ मतदाता अपनी पहचान और व्यक्तिगत जानकारी से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध करा पा रहे हैं, लेकिन उनके पिता या दादा से संबंधित पुराने दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा रहे हैं। कुछ मामलों में केवल हाल के वर्षों में तैयार हुए दस्तावेज ही उपलब्ध होने की बात सामने आई है। इसी वजह से मतदाताओं की पात्रता और उनके दस्तावेजों की वैधता को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही सामने आएगा।
मामले की शुरुआत आदिवासी कल्याण समिति, पाकुड़ के अध्यक्ष बरसन किस्कू की ओर से दाखिल किए गए परिवाद से हुई थी। शिकायत में आदिवासी भूमि पर कथित अवैध कब्जे के साथ-साथ मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। शिकायत में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया था।
भारत निर्वाचन आयोग ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। आयोग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया था कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोप सीधे तौर पर निर्वाचन संबंधी कार्यों से जुड़े नहीं हैं। हालांकि, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और कथित फर्जी दस्तावेजों का संबंध निर्वाचन प्रक्रिया से हो सकता है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र में कहा गया है कि शिकायत पर संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश पहले ही दिए गए थे। इसके बावजूद करीब आठ महीने बीत जाने के बाद भी जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से की गई कार्रवाई की कोई सूचना मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को नहीं मिली।
पत्र में इस पर नाराजगी जताते हुए कहा गया है कि मामले में जिला निर्वाचन पदाधिकारी और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से शिथिलता बरती जा रही है। मामला गैर-भारतीय नागरिकों के संभावित रूप से मतदाता सूची में शामिल होने से जुड़ा होने के कारण इसे गंभीरता से लेते हुए वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पाकुड़ और साहिबगंज के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्तों को मामले में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्थिति, अब तक की गई कार्रवाई और आगे उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी मांगी गई है।






