
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में आरोपित JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते की जमानत याचिका पर बुधवार को सीआईडी कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत में जमानत को लेकर बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष, दोनों की ओर से अपनी-अपनी दलीलें रखी गईं। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
सुनवाई के दौरान एल खियांग्ते की ओर से अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष जमानत के पक्ष में कई दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष का कहना था कि मामले में उनके खिलाफ ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिसके आधार पर उन्हें हिरासत में रखा जाना जरूरी हो।
अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान की गई छापेमारी में भी एल खियांग्ते के खिलाफ कोई आपत्तिजनक सामग्री या महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद नहीं हुआ है। बचाव पक्ष ने इसी आधार पर अदालत से उन्हें जमानत देने का अनुरोध किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने भी अपना पक्ष अदालत के सामने रखा। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तत्काल कोई फैसला नहीं सुनाया और जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। कोर्ट 5 सितंबर को जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाएगा।





