
रांची: झारखंड में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार अब निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने जा रही है। जल्द ही सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट लेवल टास्क फोर्स सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही अवैध खनन और खनिज परिवहन की जांच के लिए जरूरत के अनुसार विभिन्न जिलों में स्थायी और अस्थायी चेकनाका भी बनाए जाएंगे।
इस संबंध में फैसला शनिवार को खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया। बैठक में अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और राजस्व वसूली समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
खान प्रहरी से मिलने वाली शिकायतों पर होगी कार्रवाई
बैठक में खान प्रहरी मोबाइल एप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। खान प्रहरी केंद्रीय कोयला मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसके जरिए अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी से जुड़ी गतिविधियों की सूचना दी जा सकती है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि एप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
14 जिलों में पहले से संचालित हैं चेकपोस्ट
बैठक में जिलों में चेकनाका की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार फिलहाल राज्य के 14 जिलों में स्थायी या अस्थायी रूप से चेकपोस्ट संचालित हो रहे हैं। इनमें धनबाद, गुमला, सिमडेगा, साहिबगंज, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर, गढ़वा, पलामू, पाकुड़, दुमका, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां और कोडरमा शामिल हैं।
वहीं चतरा, जामताड़ा, गोड्डा, खूंटी और देवघर के खनन पदाधिकारियों ने चेकपोस्ट स्थापित करने के लिए राशि की मांग की है। विभाग की ओर से जल्द ही इसके लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
छह जिलों में चेकनाका बनाने का निर्णय
बैठक में रांची, लातेहार, गिरिडीह, चाईबासा, लोहरदगा और कोडरमा में चेकनाका की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। इन जिलों में चेकनाका स्थापित करने का निर्णय लिया गया, ताकि खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी तरीके से निगरानी रखी जा सके।
राजस्व वसूली की भी हुई समीक्षा
राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त माह तक हुई राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा खनन से जुड़े विभिन्न विभागों के मामलों का आपसी समन्वय के जरिए समयबद्ध निष्पादन करने पर सहमति बनी।
बैठक में खान निदेशक राहुल सिन्हा, अपर निदेशक खान, उप निदेशक खान (मुख्यालय), परिवहन विभाग और पुलिस मुख्यालय के प्रतिनिधि, राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारी, संबंधित अंचलों के उप निदेशक खान समेत सभी जिलों के उपायुक्त, आरक्षी अधीक्षक और खनन पदाधिकारी मौजूद रहे।






