
संस्कार भारती और तुलसी भवन के संयुक्त आयोजन में बाल प्रतिभागियों ने भाव-भंगिमाओं से बांधा समां, दो आयु वर्गों में घोषित हुए विजेता
जमशेदपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर जमशेदपुर में रविवार को नन्हे बाल गोपालों का मनमोहक संसार देखने को मिला। संस्कार भारती जमशेदपुर महानगर इकाई और सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन के संयुक्त तत्वावधान में “श्रीकृष्ण बाल रूप सज्जा स्पर्धा-2026” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 2 से 7 वर्ष तक के बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न बाल रूपों में सजकर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
मुख्य अतिथि तुलसी भवन के मानद महासचिव डॉ. प्रसेंजीत तिवारी एवं विशिष्ट अतिथि तुलसी भवन के न्यासी मंडल के सदस्य श्री प्रकाश मेहता थे.

प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया था। ग्रुप-A में 2 से 4 वर्ष तथा ग्रुप-B में 5 से 7 वर्ष के बालक-बालिकाओं ने हिस्सा लिया। प्रत्येक प्रतिभागी को मंच पर अपनी प्रस्तुति के लिए अधिकतम एक मिनट का समय दिया गया। नन्हे प्रतिभागियों ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में अपनी भाव-भंगिमाओं और आकर्षक वेशभूषा से भारतीय संस्कृति और परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, शास्त्रीनगर के विद्यार्थियों द्वारा शंख वादन से हुई। इसके बाद तुलसी भवन और संस्कार भारती के सदस्यों ने तिलक एवं आरती कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

संस्कार भारती जमशेदपुर की अध्यक्ष डॉ. रागिनी भूषण ने स्वागत वक्तव्य में कहा कि योगीराज श्रीकृष्ण के लोक-रंजन और सांस्कृतिक दर्शन को इस प्रकार के आयोजन के माध्यम से बच्चों के बीच जीवंत होते देखना सौभाग्य की बात है। तुलसी भवन के मानद महासचिव डॉ. प्रसेनजित तिवारी का आयोजन में उल्लेखनीय योगदान रहा। मंच का संचालन विनोद कुमार एवं संतोष कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम के दौरान शंख वादन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सलोनी, ऋषिका, रवि, जानवी, सौम्या, रीतिका, सौम्या महानंद, स्नेहा, ऋतिक और खुशी ने शंख वादन में सहभागिता की। वहीं बाँसुरी वादक अशोक दास के शिष्यों डोयल सेन, दिव्यांश सिंह, सार्थक महतो, सन्नी शर्मा, नीरज कुमार और कमल साहू ने बाँसुरी वादन से कार्यक्रम में कृष्णमय रंग भर दिया। तबले पर दीप सेन ने संगत की।
शहर की प्रतिष्ठित नृत्य निर्देशिका सोनाली चटर्जी की शिष्याओं ने रास और कृष्ण भजन पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति से पूरा सभागार संगीतमय हो उठा। कार्यक्रम का संयोजन संस्कार भारती की सह मंत्री अनिता निधि ने किया।
इन नन्हे कलाकारों ने हासिल किया पहला स्थान
निर्णायक मंडली में तुलसी भवन साहित्य समिति के सचिव डॉ. अजय ओझा और संस्कार भारती विभाग प्रमुख, कोल्हान झारखंड विजय भूषण शामिल रहे।
ग्रुप-A (2 से 4 वर्ष)
प्रथम — अंशिका चक्रवर्ती, केरला समाजम मॉडल स्कूल, गोलमुरी
द्वितीय — प्रिशा अग्रवाल, DBMS स्कूल, कदमा
तृतीय — तनिष्का राव, केरला समाजम मॉडल स्कूल, गोलमुरी
ग्रुप-B (5 से 7 वर्ष)
प्रथम — आयांश कुमार, SDSM स्कूल फॉर एक्सीलेंस, सिद्धगोड़ा
द्वितीय — सौम्या राय, शिक्षा निकेतन, टेल्को
तृतीय — दिवित सारंगी, केरला पब्लिक स्कूल, गम्हरिया
आयोजन में संस्कार भारती एवं तुलसी भवन से जुड़े अनेक सदस्यों की सक्रिय उपस्थिति रही। इनमें अनिता सिंह, पुरोबी घोष, प्रनीति शरण, आलोक मंजरी, कृष्णा सिन्हा, सरित किशोरी, डॉ. लक्ष्मी झा, राजेंद्र राज, संहिता राणा मिश्रा, मीरा बबली और सरिता सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
संस्कार भारती द्वारा भारतीय सभ्यता, संस्कृति और दर्शन के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस प्रकार की बाल रूप सज्जा स्पर्धा हर वर्ष आयोजित की जाती है। जमशेदपुर में आयोजित इस कार्यक्रम ने भी बच्चों के माध्यम से कृष्ण भक्ति और भारतीय संस्कृति का सुंदर संदेश दिया।
वन्देमातरम् से कार्यक्रम का समापन हुआ l




