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मुकुन्दपुर बस्ती में गहराया जल संकट, एक माह से ठप सोलर जल नल योजना से ग्रामीण बेहाल

On: May 6, 2026 8:47 AM
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सूरज वर्मा

केतार (गढ़वा)। प्रखंड क्षेत्र के मुकुन्दपुर बस्ती में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहराता जा रहा है। पीएचडी विभाग द्वारा लगाई गई सोलर आधारित जल नल योजना पिछले एक महीने से पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे करीब 25 घरों के लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

जानकारी के अनुसार, बीते दिनों आए आंधी-तूफान में सोलर प्लेट उड़ जाने के कारण जलापूर्ति बाधित हो गई थी। इसके बाद से अब तक मरम्मत नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में पानी की किल्लत ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे लोगों में विभाग और संवेदक के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्रामीण धर्मेंद्र सिंह, अरविंद वर्मा, प्रवीण चंद्रवंशी, सीताराम, कमलापुरी, सिकेट चंद्रवंशी और नगा राम ने बताया कि पानी के अभाव में रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। किसी तरह पीने के लिए पानी जुटाया जा रहा है, लेकिन पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। कई लोगों को मजबूरी में अपने पालतू जानवर बेचने तक पड़ रहे हैं।

वहीं महिलाओं ने बताया कि उन्हें दूर-दराज से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की भारी बर्बादी हो रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर भी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय तो सभी घर-घर पहुंचते हैं, लेकिन संकट के समय कोई सुध लेने नहीं आता।

ग्रामीणों ने इस योजना को “हाथी का दांत” बताते हुए प्रशासन से अविलंब मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि गर्मी को देखते हुए वैकल्पिक जल व्यवस्था भी तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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