झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा। रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अनुमंडलीय अस्पताल में अपग्रेड करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। रंका के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजद अंसारी ने झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को मांग पत्र सौंपकर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल की है।
डॉ. असजद अंसारी ने स्वास्थ्य मंत्री को रंका अनुमंडल की भौगोलिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी जमीनी हकीकत से अवगत कराते हुए बताया कि रंका अनुमंडल अंतर्गत पांच प्रखंड आते हैं, जिनकी कुल आबादी लगभग साढ़े तीन लाख है। यह पूरा क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों एवं दुर्गम इलाकों से घिरा आदिवासी बहुल क्षेत्र है। सरूअत पहाड़ एवं बूढ़ा पहाड़ जैसे इलाकों से मरीजों को जिला मुख्यालय गढ़वा तक पहुंचाने में कई घंटे लग जाते हैं। ऐसे में गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि भंडरिया, चिनिया और रमकंडा जैसे प्रखंड अत्यंत सुदूरवर्ती हैं, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। रंका को प्रशासनिक रूप से अनुमंडल का दर्जा तो प्राप्त है, लेकिन यहां का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब तक अनुमंडलीय अस्पताल में अपग्रेड नहीं हो सका है। इसके कारण गंभीर बीमारी, ऑपरेशन और विशेषज्ञ इलाज के लिए मरीजों को बाहर रेफर होना पड़ता है।
डॉ. असजद अंसारी ने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा एवं स्वास्थ्य जागरूकता का स्तर भी अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि रंका अस्पताल को अनुमंडलीय अस्पताल का दर्जा देकर विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक जांच सुविधा एवं बेहतर उपचार व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जल्द अनुमंडलीय अस्पताल के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की जाएगी, ताकि क्षेत्र की बड़ी आबादी को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
मंत्री ने वर्तमान में रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की सराहना भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि अपने आगामी गढ़वा दौरे के दौरान वे स्वयं रंका अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
रंका अस्पताल को अनुमंडलीय अस्पताल बनाने की मांग तेज, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सकारात्मक संकेत














