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उत्पाद सिपाही भर्ती में 8 मौत का मामला RTI एक्टिविस्ट की शिकायत पर आईजी हेड क्वार्टर को जांच का जिम्मा

On: December 21, 2024 11:38 AM
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राज्य सरकार आश्रितों को उचित मुआवजा एवं सरकारी नौकरी अविलंब दें:कृतिवास मंडल

जमशेदपुर: आरटीआई कार्यकर्ता संघ के केन्द्रीय महासचिव सह आजसू पार्टी के जिला सचिव श्री कृतिवास मंडल ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग भारत सरकार नई दिल्ली से शिकायत दर्ज कराई गई थी

कि पलामू जिला में उत्पाद विभाग की सिपाही बहाली में शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण के लिए दौड़ का आयोजन झारखंड सरकार के द्वारा कराया जा रहा था उत्पाद विभाग की भर्ती प्रक्रिया कुछ दिनों से चल रही थी. झारखंड सरकार के नियमानुसार पुरूषों को सिपाही पद पर भर्ती के लिए एक घंटे में दस किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होती है और महिला सिपाही पद पर भर्ती के लिए 40 मिनट में पांच किलोमीटर दौड़ पूरी करने का प्रावधान है

झारखंड सरकार के द्वारा भादों महिने की उमस भरी गर्मी में दौड़ आयोजित कराने के कारण झारखंड राज्य के आठ बेरोजगार युवकों कि मौत के मुंह में समा गए हैं ऐसा प्रतीत होता है भर्ती केन्द्रों पर ना तो पिने की पानी की व्यवस्था की गई थी और ना ही शौचालय की व्यवस्था थी और ना ही महिलाओं के द्वारा छोटे बच्चों को स्तनपान कराने की उचित व्यवस्था झारखंड सरकार के द्वारा कराया गया था ऐसी गलत व्यवस्थाओं के कारण आठ बेरोजगार युवकों की मौत होना झारखंड राज्य के लिए चिंताजनक का विषय है

आठ युवकों के मौत का आखिर जिम्मेदार कौन है उपरोक्त मामले को केन्द्रीय जांच ब्यूरो से जांच करवा कर दोषियों पर अविलंब कानूनी कार्रवाई की मांग आरटीआई कार्यकर्ता संघ के केन्द्रीय महासचिव सह आजसू पार्टी के जिला सचिव श्री कृतिवास मंडल के द्वारा कि गई थी एवं आठ मृत युवकों के आश्रितों को उचित मुआवजा एवं सरकारी नौकरी देने की मांग की गई थी तो उपरोक्त मामले पर मनोज कौशिक आई जी हेड क्वार्टर आई जी आफिस पुलिस हेडक्वार्टर रांची को जांच व कार्रवाई करने हेतु ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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