
हैदराबाद: शमशाबाद जोन की हैदराबाद कमिश्नर टास्क फोर्स और बालापुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 2.91 लाख रुपये से अधिक मूल्य के नकली नोट बरामद किए हैं। इसके साथ ही नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल किए जा रहे कलर प्रिंटर, स्कैनर, लैमिनेटर, बॉन्ड पेपर और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। मामले में एक अन्य आरोपी की पहचान हुई है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामावत रामू उर्फ मोहम्मद (36), रामावत मोतीलाल (35) और रामावत गांधी (19) के रूप में हुई है। तीनों तेलंगाना के चिंतल थांडा, वड्डीपटला के रहने वाले हैं। इनमें रामू जोमैटो डिलीवरी वर्कर, मोतीलाल रैपिडो ड्राइवर और गांधी ऑटो चालक है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े कथित आरोपी सुधीर जॉन चेला उर्फ वामशी, निवासी नागोले-बंडलागुडा, को फरार बताया है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि रामू और मोतीलाल ने कथित तौर पर YouTube और Instagram पर उपलब्ध वीडियो/रील्स देखकर नकली नोट तैयार करने का तरीका सीखा था। बताया गया है कि मोतीलाल को YouTube पर नकली करेंसी से संबंधित एक नोटिफिकेशन मिला था। इसके बाद उसने वीडियो में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
आरोप है कि फोन पर संपर्क किए गए व्यक्ति ने उन्हें नकली नोट तैयार करने के लिए कलर प्रिंटर, स्कैनर, बॉन्ड पेपर समेत अन्य सामान जुटाने की सलाह दी। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उपकरण खरीदे और नकली करेंसी छापने का काम शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी घर में ही 500, 200 और 100 रुपये के नोटों की नकल तैयार कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि जाली नोटों को असली करेंसी जैसा दिखाने के लिए आरोपियों ने कुछ सुरक्षा विशेषताओं, यहां तक कि वॉटरमार्क की भी नकल करने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों का मकसद नकली नोटों को एक साथ बड़ी मात्रा में बाजार में उतारना नहीं था। वे इन्हें छोटी-छोटी रकम के तौर पर शराब की दुकानों और सब्जी बाजारों में खपाने की कोशिश करते थे। खासतौर पर रात के समय इन नोटों को चलाने की कोशिश की जाती थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर रात के समय नकली नोटों को बाजार में चलाने को प्राथमिकता देते थे। पुलिस का आरोप है कि रामू के भतीजे गांधी को भी जाली नोटों को बाजार में खपाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 1,124 नकली नोट बरामद किए हैं। इनमें 500 रुपये के 437 नकली नोट, 200 रुपये के 39 नकली नोट
100 रुपये के 648 नकली नोट शामिल हैं। इन सभी नोटों का कुल अंकित मूल्य 2,91,100 रुपये है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी सुधीर जॉन चेला उर्फ वामशी की तलाश कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और नकली नोटों की छपाई एवं सप्लाई में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।






