अंधविश्वास की आग में झुलसी इंसानियत
आकाश लोहार
गढ़वा
किसी इंसान के दर्द की कोई जाति नहीं होती,किसी महिला के आंसुओं का कोई धर्म नहीं होता,लेकिन जब अंधविश्वास इंसान की सोच पर हावी हो जाए,तो इंसान ही इंसान का दुश्मन बन जाता है,गढ़वा जिले के नगर उंटारी थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव से सामने आई एक ऐसी ही घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है,आरोप है कि एक महिला को डायन बताकर उसके साथ मारपीट की गई और उसके शरीर पर खौलता हुआ गर्म पानी डाल दिया गया,यह सिर्फ एक महिला के साथ हुई कथित बर्बरता नहीं,बल्कि उस सोच पर बड़ा सवाल है,जो आज भी अंधविश्वास के नाम पर इंसानों को निशाना बनाती है।
दर्द से तड़पती महिला किसी तरह पहुंची सड़क तक :- घटना के बाद महिला दर्द से तड़पती हुई किसी तरह सड़क तक पहुंची,स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया,पीड़िता ने पुलिस को बताया कि गांव के ही कुछ संबंधी उसे लंबे समय से डायन कहकर प्रताड़ित करते आ रहे थे,बताया गया कि 22 अगस्त की शाम विवाद बढ़ गया,इसी दौरान उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई और फिर उसके शरीर पर गर्म पानी डाल दिया गया,गर्म पानी से महिला गंभीर रूप से झुलस गई और दर्द से कराहती हुई मदद के लिए सड़क तक पहुंची।
पीड़िता के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी :- घटना की सूचना मिलते ही नगर उंटारी थाना पुलिस सक्रिय हुई,पुलिस ने पीड़िता के फर्द बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी,मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की।
महिला पुरुष समेत छह आरोपी गिरफ्तार :- अनुसंधान के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया,गिरफ्तार आरोपियों में पर्मिला देवी,उम्र 52 वर्ष,दया उरांव,उम्र 68 वर्ष,गया उरांव,उम्र 70 वर्ष,सोनू उरांव,उम्र 24 वर्ष,बिकेश उरांव उर्फ बिकाश उरांव,उम्र 28 वर्ष और श्रद्धा देवी,उम्र 50 वर्ष शामिल हैं,पुलिस के अनुसार सभी आरोपी भोजपुर गांव के निवासी बताए गए हैं।
डायन कहना भी अपराध,हिंसा करना उससे भी गंभीर अपराध :- पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों से अंधविश्वास और डायन बिसाही जैसी कुरीतियों से दूर रहने की अपील की है,पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि किसी महिला या पुरुष को डायन बताकर प्रताड़ित करना,उसके साथ मारपीट करना या हिंसा करना कानूनन अपराध है,अगर कहीं भी इस तरह की घटना सामने आती है,तो लोग चुप न रहें और तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें।
कुरीति पर कब लगेगा पूरी तरह विराम :- डायन बिसाही के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा सिर्फ एक सामाजिक कुरीति नहीं है,यह गंभीर अपराध भी है,नगर उंटारी और आसपास के इलाकों में पहले भी डायन बिसाही के नाम पर घटनाएं सामने आती रही हैं,भोजपुर की यह घटना एक बार फिर समाज के सामने बड़ा सवाल खड़ा करती है,आखिर अंधविश्वास के नाम पर इंसानियत को कब तक कुचला जाता रहेगा,कब तक किसी महिला को बिना किसी प्रमाण के डायन बताकर उसकी जिंदगी को नरक बनाया जाता रहेगा।
पुलिस ने छह आरोपियों को भेजा जेल :- बंशीधर नगर एसडीपीओ सतेंद्र सिंह ने बताया कि मामला डायन बिसाही को लेकर है,घटना के बाद पीड़िता को इलाज के लिए भेजा गया और उसके बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया,अनुसंधान के दौरान छह आरोपियों की संलिप्तता सामने आने के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया और आज उन्हें जेल भेज दिया गया।
यह सिर्फ एक महिला का दर्द नहीं…पूरे समाज का आईना है :- यह घटना सिर्फ एक महिला के शरीर पर पड़े जख्मों की कहानी नहीं है,यह हमारे समाज की उस सोच का आईना है,जिसे बदलना बेहद जरूरी है,क्योंकि किसी इंसान को डायन कह देना आसान है,उस पर इल्जाम लगा देना आसान है,लेकिन उसके जख्मों का दर्द समझना शायद आज भी मुश्किल है।
अब जरूरत है कि अंधविश्वास नहीं,जागरूकता जीते :- डर नहीं,कानून का भरोसा जीते और सबसे बढ़कर इंसानियत जीते।






