
जमशेदपुर। शहर में एक बार फिर गैंगवार की बड़ी साजिश को अंजाम देने की कोशिश का पुलिस ने समय रहते भंडाफोड़ कर दिया। सीतारामडेरा थाना पुलिस ने भुइयांडीह बस स्टैंड के पास कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के रहने वाले दो कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से एक लोडेड देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
इस कार्रवाई की जानकारी एएसपी ऋषभ त्रिवेदी ने संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भुइयांडीह बस स्टैंड के आसपास दो संदिग्ध युवक हथियार लेकर किसी आपराधिक वारदात की तैयारी में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीम गठित कर इलाके में छापेमारी शुरू की।
पुलिस की टीम को देखते ही दोनों संदिग्धों ने भागने और छिपने का प्रयास किया। दोनों बस स्टैंड के शौचालय के पीछे छिप गए, लेकिन पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उनकी पहचान प्रदीप सिंह और अभिनय यादव, दोनों निवासी सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई।
पूछताछ में खुली बड़ी साजिश
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव और अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह के बुलावे पर जमशेदपुर पहुंचे थे। उनका कथित टारगेट गणेश सिंह गिरोह से जुड़ा एक अन्य व्यक्ति था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा स्थित अशोक कुमार के मकान में दोनों शूटरों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। बताया जा रहा है कि उलीडीह निवासी सुनील रजक ने उनके रहने का इंतजाम किया था। पुलिस के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल होने वाला हथियार और कारतूस भी सुनील रजक ने ही उपलब्ध कराया था।
हालांकि, दोनों शूटरों को अभी तक कथित टारगेट की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। वे हत्या के लिए लक्ष्य, वारदात का समय और सुपारी की रकम तय होने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच पुलिस को इसकी भनक लग गई और दोनों गिरफ्तार कर लिए गए।
निखार सबलोक केस से भी जुड़ा कनेक्शन
पूछताछ के दौरान पुलिस को निखार सबलोक हत्याकांड से भी दोनों आरोपियों का कथित कनेक्शन मिला है। पुलिस के अनुसार, दोनों शूटर 19 अगस्त को भी जमशेदपुर आए थे। उस समय उन्हें निखार सबलोक की हत्या के लिए बुलाया गया था।
बताया गया है कि उस दौरान राहुल विश्वकर्मा नाम का एक अन्य व्यक्ति भी उनके साथ था। कथित तौर पर एडवांस सुपारी की आधी रकम को लेकर शूटरों और सिंटू सिंह के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद दोनों बिना वारदात को अंजाम दिए वापस उत्तर प्रदेश चले गए थे।
पुलिस के मुताबिक, निखार सबलोक की हत्या के बाद सिंटू सिंह और राघव ने एक बार फिर दोनों से संपर्क किया और इस बार गणेश सिंह गिरोह से जुड़े किसी दूसरे व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए उन्हें जमशेदपुर बुलाया गया।
साजिश की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
दोनों शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, हथियार कहां से मंगाए गए और कथित तौर पर वारदात के पीछे किसकी मुख्य भूमिका थी।
पुलिस की जांच में हथियार उपलब्ध कराने वाले सुनील रजक समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने आ रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।




