---Advertisement---

39 साल पुरानी त्रासदी का भयानक असर! अचानक से नीले पड़ने लगे कुत्ते, जानें पूरी खबर

On: November 2, 2025 10:08 AM
---Advertisement---

Blue Dogs in Chernobyl: नीला कुत्ता, सुनने में यह किसी फैंटेसी फिल्म का सीन लगता है। लेकिन यह हकीकत है, और जगह वही… चेर्नोबिल, जहां 1986 की परमाणु त्रासदी ने दुनिया को हिला दिया था। सालों बाद भी यह भूमि इंसानों को नहीं, बल्कि अपने रहस्यों को जन्म दे रही है। इस बार रहस्य है- नीले रंग के कुत्ते।

चेर्नोबिल में दिखे नीले कुत्ते

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें चेर्नोबिल क्षेत्र में कुछ कुत्ते नीले फर के साथ दिखाई दिए। यह वीडियो देखकर दुनिया भर में खलबली मच गई। ‘डॉग्स ऑफ चेर्नोबिल (Dogs of Chernobyl)’ संस्था के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने तीन ऐसे कुत्तों को देखा जिनका फर पूरी तरह नीला था। हैरानी की बात यह है कि यह बदलाव अचानक देखा गया, पहले इन कुत्तों का रंग सामान्य था।

संस्था के विशेषज्ञों का कहना है कि संभावना है कि ये कुत्ते किसी रेडिएशन प्रभावित क्षेत्र या किसी रासायनिक पदार्थ के संपर्क में आए हों। हालांकि फिलहाल यह केवल अनुमान है। वैज्ञानिक इन कुत्तों के फर के सैंपल लेकर जांच कर रहे हैं, ताकि सही कारण का पता लगाया जा सके।


39 साल बाद भी चेर्नोबिल के गहरे निशान

जब 1986 में विस्फोट हुआ था, तब लोग जान बचाकर भागे और अपने पालतू जानवरों को पीछे छोड़ गए। वही जानवर आज तीसरी–चौथी पीढ़ी तक पहुँच चुके हैं और आसपास के जंगलों में रह रहे हैं। हर साल ‘क्लीन फ्यूचर्स फंड (Clean Futures Fund)’ इन आवारा कुत्तों की देखभाल करता है। लगभग 700 कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और भोजन की व्यवस्था की जाती है।

सोशल मीडिया पर हलचल

नीले कुत्तों की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। किसी ने लिखा,”चेर्नोबिल अब भी जिंदा है”, तो किसी ने कहा, “ये नीले कुत्ते इंसानी लापरवाही की जिंदा मिसाल हैं”। लाखों व्यूज़ और हजारों कमेंट्स इस बात की गवाही देते हैं कि चेर्नोबिल का डर और रहस्य आज भी लोगों के मन में ताज़ा है।

बड़ा सवाल अभी भी बाकी

क्या यह रेडिएशन का असर है? या किसी केमिकल की प्रतिक्रिया? या फिर प्रकृति का कोई दुर्लभ चमत्कार? वैज्ञानिकों की रिपोर्ट आने का इंतज़ार है, लेकिन एक बात साफ है। चेर्नोबिल आज भी दुनिया को चौंकाने की ताकत रखता है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

खूंटी में उग्रवादियों का तांडव,कई राउंड फायरिंग,मशीन में आग,पर्चा छोड़ा

टाटा मोटर्स फ्रेम फैक्ट्री के कर्मचारी अजय कुमार को सेवानिवृत्त होने पर यूनियन एवं प्रबंधन ने दी विदाई

टाटा मोटर्स व्हीकल फैक्ट्री लाइन 3 में कार्यरत सत्य नारायण सिंह सेवानिवृत्त, यूनियन व प्रबंधन की ओर से भावभीनी विदाई

जेएसएसपी में अंग्रेजी कोरल रेसिटेशन, 250 छात्रों ने ग्लोबल वार्मिंग पर दी प्रस्तुति

पलामू सांसद विष्णु दयाल राम रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले,रेलवे कनेक्टिविटी एवं विकास के लिए कई मांगे रखी

जमशेदपुर:गायत्री ज्ञान मन्दिर में रक्तदान शिविर सफलतापूर्वक संपन्न होने पर समीक्षा बैठक संपन्न