{"remix_data":[],"remix_entry_point":"challenges","source_tags":[],"origin":"unknown","total_draw_time":0,"total_draw_actions":0,"layers_used":0,"brushes_used":0,"photos_added":0,"total_editor_actions":{},"tools_used":{"transform":1},"is_sticker":false,"edited_since_last_sticker_save":true,"containsFTESticker":false}
कौशांबी: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और कौशांबी जिले की सीमा पर सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज हो गई और आसपास के कई मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 15 झुलस गए हैं। जिनमें कई मरणासन्न स्थिति में हैं। घायलों को को एसआरएन अस्पताल प्रयागराज भेजा गया है। आसपास के घरों के कुछ लोग भी घायल हैं। कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की भी आशंका है।
घटना सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में हुई। यह इलाका प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर स्थित है और मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हुआ। इसकी आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के तुरंत बाद इलाके में धुएं का घना गुबार छा गया। पटाखों और विस्फोटक सामग्री के कारण धमाके के बाद भी कुछ समय तक लगातार छोटे-बड़े विस्फोट होते रहे, जिससे बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने और मलबे में फंसे लोगों को निकालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री का पूरा ढांचा ढह गया। आसपास के करीब 50 मीटर के दायरे में स्थित कई मकान भी इसकी चपेट में आए और उन्हें नुकसान पहुंचा है।
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। धमाके के बाद कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू किया और घायलों को घटनास्थल से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
पुलिस के साथ एयरफोर्स की टीमें भी राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल पर आग और पटाखों के कारण लगातार खतरा बना हुआ है। आग पूरी तरह नियंत्रित होने के बाद मलबे को व्यवस्थित तरीके से हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश तेज की जाएगी।
फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने और घायलों को उपचार उपलब्ध कराने की है। विस्फोट की वास्तविक वजह क्या थी और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







