दुमका: जिले के गोपीकांदर थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। अंधविश्वास और डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा ने एक मां की जान ले ली। नशे में धुत एक बेटे ने अपनी ही बूढ़ी मां पर चाकू से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में प्रयुक्त चाकू तथा खून से सने कपड़े जब्त कर लिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मधुबन गांव का रहने वाला रामजन हेम्ब्रम किसी के बहकावे में आ गया था। उसे यह विश्वास दिलाया गया कि उसकी बेटी की मौत उसकी मां मुन्नी सोरेन ने डायन विद्या से कराई है। इसी शक में वह मंगलवार रात करीब एक बजे दीघा गांव स्थित अपनी मां के घर पहुंचा और उस समय सो रही मुन्नी सोरेन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर हालत में घायल मां को उसकी बेटी तुरंत गोपीकांदर सीएचसी ले गई, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे दुमका रेफर कर दिया गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शनिवार को महिला ने दम तोड़ दिया।
थाना प्रभारी सुमित कुमार भगत के अनुसार, प्रारंभिक जांच में साफ हुआ है कि आरोपी ने डायन-बिसाही के अंधविश्वास में आकर यह जघन्य कदम उठाया। बताया जा रहा है कि चार माह पहले रामजन की बेटी पिंकी हेम्ब्रम की मौत हो गई थी। इसी घटना के बाद गांव में किसी ने रामजन को उकसाया कि उसकी बेटी की मौत के पीछे उसकी मां का हाथ है। अंधविश्वास और गुस्से में आरोपी ने अपनी ही जन्मदात्री की हत्या कर दी।
घटना के बाद परिजनों में मातम पसरा हुआ है। मृतका की दो बेटियां पहले से विवाहित हैं। रामजन हेम्ब्रम के खिलाफ उसकी बहन श्रीफुल हेम्ब्रम के बयान पर गोपीकांदर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस कांड संख्या 34/25 के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है।
ग्रामीणों ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि अंधविश्वास ने फिर एक परिवार को तबाह कर दिया। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों और कुप्रथाओं में न फंसें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जो अब भी कई परिवारों को बर्बाद कर रही हैं।
दुमका में अंधविश्वास का कहर, बेटे ने डायन-बिसाही के शक में मां की ली जान; आरोपी गिरफ्तार














