रांची: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित ब्लॉक-ए सभागार में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 2026 एवं कुष्ठ रोग खोज अभियान (द्वितीय चक्र) LCDC 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक विस्तृत जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में कुष्ठ रोग उन्मूलन के प्रयासों को और सुदृढ़ करना तथा समाज में इस रोग को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।
महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण, कुष्ठ उन्मूलन की शपथ
बैठक की शुरुआत महात्मा गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसके पश्चात उपस्थित सभी पदाधिकारियों को कुष्ठ रोग उन्मूलन की शपथ दिलाई गई। उपायुक्त श्री भजंत्री ने निर्देश दिया कि प्रखंड एवं ग्राम स्तर पर ग्राम गोष्ठियों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता हेतु शपथ कार्यक्रम और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है, इसके बावजूद समाज में इससे जुड़ा भय और कलंक आज भी मौजूद है, जिसे समाप्त करना आवश्यक है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के सामूहिक प्रयास से ही कुष्ठ मुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत
बैठक में सिविल सर्जन, रांची डॉ. प्रभात कुमार ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 30 जनवरी 2026 से 13 फरवरी 2026 तक संचालित होगा।
इसके पश्चात कुष्ठ रोग खोज अभियान (द्वितीय चक्र) LCDC 2026: 9 मार्च 2026 से 23 मार्च 2026 तक चलाया जाएगा।
अभियान के दौरान विशेष रूप से उन गांवों एवं क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा जहां पिछले 5 से 7 वर्षों में कुष्ठ रोग के मामले सामने आए हैं। इन क्षेत्रों में सहिया (ASHA कार्यकर्ता) एवं पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों की शारीरिक जांच करेंगे और रोग के लक्षणों, प्रारंभिक पहचान तथा उपचार की जानकारी देंगे।
कुष्ठ रोग पूर्णतः उपचार योग्य, दवाइयाँ निःशुल्क
डॉ. प्रभात कुमार ने स्पष्ट किया कि समय पर बहु-औषधि चिकित्सा (MDT) का नियमित सेवन करने से कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है और इससे होने वाली विकलांगता को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग का उपचार एवं आवश्यक दवाइयाँ सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क उपलब्ध हैं।
उन्होंने समाज से अपील की कि कुष्ठ रोगियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न करें, क्योंकि छूने या साथ रहने से यह रोग नहीं फैलता।
जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी ने दी विस्तृत जानकारी
बैठक में जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, रांची ने कार्यक्रम के लक्ष्य, रणनीति एवं क्रियान्वयन योजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जन-जागरूकता बढ़ाना, स्व-जांच को प्रोत्साहित करना, संदिग्ध मामलों की शीघ्र पहचान, तत्काल उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। यह अभियान राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (NLEP) के अंतर्गत संचालित है, जिसका उद्देश्य कुष्ठ मुक्त भारत की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्तरों पर पूर्ण समन्वय और सहयोग का आश्वासन दिया।
जनता से अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि त्वचा पर हल्के या गहरे रंग के धब्बे, सुन्नपन, तंत्रिका क्षति जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और समय पर उपचार शुरू करें। साथ ही कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति, सम्मान और सहयोग बनाए रखें, यही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता होगी।
बैठक में, सिविल सर्जन सदर रांची, डॉ. प्रभात कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी, रांची श्रीमती उर्वशी पांडेय, सेंट्रल मॉनिटर डॉ. एस.ए. शरीफ, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, RLTRI डॉ. सीमा गुप्ता, नगर निगम रांची के अधिकारी, जिला सहिया समन्वयक, रांची, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, रांची, विभिन्न प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित थे।














