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24 वर्ष की उम्र में डॉ. शेखर कुमार बने चिकित्सक, परिवार व समाज का बढ़ाया मान

On: June 24, 2026 9:01 AM
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झारखंड वार्ता संवाददाता

श्री बंशीधर नगर/विशुनपुरा: बंशीधर नगर अनुमंडल क्षेत्र के विशुनपुरा गांव निवासी प्रसिद्ध समाजसेवी एवं रौनियार वैश्य समाज के सम्मानित सदस्य गौरी शंकर गुप्ता के द्वितीय पुत्र डॉ. शेखर कुमार ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए बेंगलुरु स्थित इंटरनेशनल हॉस्पिटल से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री प्राप्त की है.मात्र 24 वर्ष की आयु में यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार, गांव, क्षेत्र एवं पूरे रौनियार वैश्य समाज का नाम गौरवान्वित किया है.डॉ. शेखर कुमार की इस सफलता की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों तथा समाज के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई. लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया है.ग्रामीणों का कहना है कि छोटे शहरों और गांवों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन डॉ. शेखर कुमार ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल कर युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है.बताया जाता है समाज सेवी राजवंशी प्रसाद गुप्ता के पौत्र शेखर बचपन से ही उनकी रुचि पढ़ाई के प्रति रही है. उन्होंने अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए निरंतर परिश्रम किया और चिकित्सा क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का संकल्प लिया. वर्षों की कठिन मेहनत और समर्पण के बाद उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर अपने सपनों को साकार किया.उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास किया जाए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती.डॉ. शेखर कुमार की इस उपलब्धि पर झारखंड प्रदेश रौनियार वैश्य महासभा ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक परिवार की सफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गौरव का विषय है. उन्होंने कहा कि डॉ. शेखर कुमार ने यह साबित किया है कि ग्रामीण परिवेश से आने वाले युवा भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर देश के प्रतिष्ठित क्षेत्रों में पहचान बना सकते हैं.महासभा ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. शेखर कुमार ने अपने माता-पिता के सपनों को साकार किया है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार का सम्मान बढ़ा है, बल्कि पूरे रौनियार वैश्य समाज का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है.समाज के लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे चिकित्सा सेवा के माध्यम से समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा करेंगे तथा मानवता के कल्याण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. शुभचिंतकों ने कहा कि एक योग्य और संस्कारी पुत्र की सफलता किसी भी माता-पिता के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है.आज डॉ. शेखर कुमार की उपलब्धि ने पूरे परिवार को गौरवान्वित किया है.समाज के बुद्धिजीवियों, गणमान्य लोगों एवं युवाओं ने डॉ. शेखर कुमार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा के प्रति जागरूक और प्रेरित करेगी.सभी ने उनके सुखमय, मंगलमय एवं सफल जीवन की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे भविष्य में भी नई ऊंचाइयों को छूकर अपने क्षेत्र, समाज और राज्य का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे.बधाई देने वाले में महासभा के बैजनाथ प्रसाद गुप्ता,जिला अध्यक्ष,संजय प्रसाद गुप्ता,हीरा प्रसाद गुप्ता,दिनेश गुप्ता,नवल किशोर गुप्ता,ओमप्रकाश गुप्ता,अशोक प्रसाद गुप्ता,दामोदर प्रसाद गुप्ता,मुन्ना प्रसाद,महेंद्र प्रसाद सहित कई लोगों का नाम शामिल है

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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