झारखंड वार्ता संवाददाता
श्री बंशीधर नगर(गढ़वा)। सात वर्ष पुराने हत्या के एक मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए छह आरोपितों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी दोषियों को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा (पूर्व भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के समकक्ष) के तहत आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर प्रत्येक दोषी को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
यह फैसला सोमवार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम संजय कुमार सिंह-2 की अदालत ने सुनाया है। मामला रमना थाना कांड संख्या-220/2019 तथा सत्र वाद संख्या-65/2020 एवं 137/2021 से संबंधित है। अदालत ने जिन छह अभियुक्तों को दोषी ठहराया है, उनमें राम सुंदर भुइयां उर्फ रामचंद्र भुइयां (पिता-स्व. जानकी भुइयां), विजय भुइयां (पिता-स्व. नेहाल भुइयां), संजय भुइयां (पिता-स्व. नेहाल भुइयां), नंदू भुइयां (पिता-राम सुंदर भुइयां), बिंदु भुइयां (पिता-राम सुंदर भुइयां) तथा मोहन भुइयां (पिता-स्व. लालधारी भुइयां) शामिल हैं। सभी अभियुक्त बुलका गांव, थाना-रमना, गढ़वा के निवासी हैं।
अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपों को साबित किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी छह अभियुक्तों को हत्या के मामले में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक ने न्यायालय में पक्ष रखा। अदालत के इस फैसले को हत्या के गंभीर मामलों में कानून के प्रति सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। फैसले के बाद दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया।














